I know its too late but when these thoughts came to my mind I did not have access to the net.
इस बार दिवाली कुछ अलग मनाये
एक दिया अपने दिल में, एक किसी गरीब के घर जलाएं
पटाखे कुछ कम फोडें , धुआं-कचरा कम फैलाएं
पूराने दिनों को याद करें , अपने पूराने टीचर से मिलकर आयें
झूटी हंसी कम हसे , कुछ चिट्कुले अपने दादा दादी को भी सुनाएं
दुसरो से ज़रा कम मिलें , अपन को अपने आप से ज़रूर मिलाएं
इस बार दिवाली कुछ अलग मनाये
इस बार दिवाली कुछ अलग मनाये
एक दिया अपने दिल में, एक किसी गरीब के घर जलाएं
पटाखे कुछ कम फोडें , धुआं-कचरा कम फैलाएं
पूराने दिनों को याद करें , अपने पूराने टीचर से मिलकर आयें
झूटी हंसी कम हसे , कुछ चिट्कुले अपने दादा दादी को भी सुनाएं
दुसरो से ज़रा कम मिलें , अपन को अपने आप से ज़रूर मिलाएं
इस बार दिवाली कुछ अलग मनाये